देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण को लेकर बड़ा विवाद

देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण यानी MDDA द्वारा 28 अगस्त 2024 को सीलिंग आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक बिल्डिंग सील नहीं हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य लगातार जारी रहा और फ्लैट भी बेचे जा रहे हैं। इस पूरे मामले में अब MDDA की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
रिपोर्ट:
डालनवाला क्षेत्र स्थित एक बहुमंजिला बिल्डिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दस्तावेज़ों के अनुसार MDDA ने उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम 1973 और संशोधित अधिनियम 2009 के तहत इस निर्माण को नियमों के विपरीत मानते हुए 28 अगस्त 2024 को सील करने का आदेश जारी किया था।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि निर्माण कार्य जारी रहा और इस दौरान फ्लैटों की बिक्री भी होती रही। लोगों का कहना है कि गरीबों के मकानों पर सीलिंग कार्रवाई तुरंत होती है, लेकिन इस मामले में प्रशासनिक ढिलाई दिखाई गई।
अब इस प्रकरण को लेकर MDDA पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि शनिवार को इस मामले में सुनवाई की तारीख भी निर्धारित है।
समापन:
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सीलिंग आदेश पहले ही जारी हो चुका था, तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई? और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई जवाबदेही तय होगी?